चौथा इडियट सुनते ही दिमाग में प्रश्न कौंधता है कि पहला इडियट कौन है? दूसरा कौन और तीसरा कौन?
दो इडियट मिलकर परिवार बनाते है, परिवार से समाज, समाज से देश और देश से दुनिया बनती है।
दुनिया
में इडियटों की संख्या में
इसी तरह वृद्धि हुई होगी।
इडियट यदि एक अवधारणा है तो इसकी उत्पत्ति कब
और कहां हुई होगी, इस
बारे में इडियटों का इतिहास मौन
है।
इस
सन्दर्भ में हम जैसों को ही कुछ करना है।
कुल
मिलाकर दुनिया को यदि इडियटों के
आधार पर बांटा जाये तो दो प्रकार की दुनिया दिखाई देती है, इडियटों की
दुनिया और नॉन-इडियटों की दुनिया।
चौथा इडियट निसंदेह पहली प्रकार की दुनिया अर्थात
इडियटों की दुनिया की
वस्तु है।
दो
प्रकार के इडियट जब मिलते
होगें तो निश्चित रूप से इडियट थिंग्स के बारे मे ही बातचीत करते
होगें।
नॉन-इडियट थिंग्स भी उनके बातचीत की विषयवस्तु हो सकते है, लेकिन वे अपने इडियटपने के चलते उन्हें भी इडियट थिंग्स बना लेते होंगे।
चौथा इडियट सामाजिक प्राणी होता है या असामाजिक?
निश्चित रूप से सामाजिक। कम से कम इडियटों की दुनिया में तो सामाजिक होता है।
नॉन-इडियट उसे असामाजिक मानते है तो मानते रहें।
चौथा इडियट हमेशा अपने इडियट समाज की ही बात करता है अथवा नॉन-इडियट समाज की भी उसे कहीं न कहीं चिन्ता है?
मेरा
ख्याल है चौथा इडियट वो है जो पहले, दूसरे और तीसरे की बात भी करने में
सक्षम है, और
अन्य इडियट भी उसकी प्रिय
पर्सनैलटी हो सकते हैं।
यह भी हो सकता है कि चौथा इडियट अंतर्मुखी हो और सिर्फ अपने बारे में ही सोचे या
फिर नॉन-इडियट समाज में से वह कोई नॉन-ईडियट निकाल लाये और उसे अपना दोस्त बना ले।
दुनिया में इडियटों की एक लम्बी
रेंज है। चौथा इडियट उन्ही में से एक
है।
यह इडियटों की दुनिया का प्रतिनिधित्व करता है। उन
इडियटों की दुनिया का, जो भावी सभ्य समाज की नींव रखने की
योग्यता रखते है।
जय इडियट, जय चौथा इडियट।
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