सोमवार, 5 जुलाई 2010

कुत्ता-दर्शन


कुत्ता, आदमी का अच्छा मित्र होता है, यह दिव्य ज्ञान मुझे तब प्राप्त हुआ जब एक कुत्ते ने मुझे पीछे से, चुपके से, दबे पांव आकर काटा।

मेरे नये-पुराने कई मित्र काफी समय से इस दुर्लभ अवसर को प्राप्त करने के लिए मरे जा रहे थे किन्तु बाजी एक कुत्ता मार ले गया।

विनोदी कुत्ते को शीघ्र ही यह दिव्य ज्ञान प्राप्त हो गया कि उसने किसी महापुरुष को काट लिया है। क्योंकि उसके बाद से कुत्ता बिना किसी को काटे घूम रहा है। यह भी सुना है कि उसने अपने उन दांतों को भी सुरक्षित रख छोड़ा है और उन दांतो पर टूथपेस्ट तक करना बंद कर दिया है जिन दांतों से उसने मुझे काट खाया था।

मेजबान परेशान थे क्योंकि उनके कुत्ते ने मुझे काट लिया था।

मैंने उन्हें सांत्वना दी कि परेशान क्यों होते हो? आपने थोड़े ही काटा है, आपके कुत्ते ने काटा है।

मेरे कुछ मित्रों को इस बात का दुख है कि वे इस काटा-कार्यक्रम का लाइव-प्रसारण नहीं देख पाये। अब वे स्थानीय केबिल वाले से इस कार्यक्रम की हाइलाइट्स दिखाने की मांग कर रहे हैं। कुछ अन्य मित्र तो बाजार जाकर सी.डी. के बारे में भी जानकारी एकत्र कर रहे हैं जो कि दुर्भाग्यवश और मेरे आलसी तथा रचनात्मक स्वभाव के होने के कारण उन्हें नहीं प्राप्त हो पायी है। पता चला है कि एक सी.डी. प्राप्त करने के लिए वे कुत्ते हुए जा रहे हैं।

कुत्ते द्वारा काटे जाने के उपरान्त मैंने एक विश्लेषण चार्ट तैयार किया और यह जानने का प्रयत्न किया कि मान्यवर के वेश में ऐसा कौन हो सकता है जो इस कुत्तेपन को प्राप्त करने की योग्यता रखता हो। तो मेरी आंखों के सामने मेरा बॉस, मेरे कुछ सहकर्मी, मेरा एक पड़ोसी, मेरी चार प्रेमिकाओं के समस्त पति, मेरी रचनाओं को न छापने वाले कुछ पत्रिकाओं के संपादक और मेरी अनुपस्थिति में मेरी पत्नी को फोन करने वाले कुछ नौजवान दोस्त घूम गये।